राजनगर पैलेस पहुँचे मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, पर्यटन विकास की उम्मीदें बढ़ीं
मधुबनी जिले के ऐतिहासिक राजनगर पैलेस का भ्रमण करने वाले पहले मुख्यमंत्री के रूप में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी रविवार को राजनगर पहुँचे। उनके दौरे से वर्षों से राजनगर पैलेस को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की स्थानीय लोगों की मांग को एक बार फिर बल मिला है।
वर्तमान में राजनगर पैलेस राज दरभंगा ट्रस्ट के अधीन है। स्थानीय लोगों की लंबे समय से मांग रही है कि बिहार सरकार राजनगर पैलेस परिसर को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करे। ऐतिहासिक इमारतों और बचे हुए अवशेषों का संरक्षण करते हुए परिसर को आकर्षक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किए जाने की मांग लगातार उठती रही है।
राजनगर पैलेस के विकास से क्षेत्र में रोजगार और पर्यटन की व्यापक संभावनाएं पैदा होने की उम्मीद है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि इस ऐतिहासिक स्थल को व्यवस्थित तरीके से विकसित किया जाता है, तो यह न सिर्फ मधुबनी बल्कि पूरे मिथिला क्षेत्र के लिए पर्यटन और रोजगार के लिहाज से महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
वहीं, राजनगर पैलेस के विकास को लेकर सरकार और राज दरभंगा ट्रस्ट के बीच जमीन और विकास योजना को लेकर प्रक्रिया आगे बढ़ने की बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि बिहार सरकार राज दरभंगा से जमीन की मांग कर रही है, जबकि राज दरभंगा की ओर से सरकार से विकास का रोडमैप मांगा जा रहा है।
अब देखना होगा कि राजनगर पैलेस के ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए सरकार और राज दरभंगा ट्रस्ट के बीच जमीन एवं विकास के मुद्दे पर सहमति कब बनती है और इस ऐतिहासिक धरोहर को पर्यटन के नक्शे पर स्थापित करने की दिशा में ठोस कदम कब उठाए जाते हैं।
मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान मौके पर दरभंगा जिलाधिकारी आनंद शर्मा, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, मधुबनी सांसद डॉ. अशोक यादव, राजनगर विधायक सुजीत पासवान समेत प्रशासनिक अधिकारियों की टीम, भाजपा कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।